
जय जयकार माता की – माता भजन (Jai Jaikaar Karo Mata Ki)
जय जयकार माता की, आओ शरण भवानी की एक बार फिर प्रेम से बोलो जय दुर्गा महारानी की जय दुर्गा महारानी की पहली देवी शैलपुत्री

जय जयकार माता की, आओ शरण भवानी की एक बार फिर प्रेम से बोलो जय दुर्गा महारानी की जय दुर्गा महारानी की पहली देवी शैलपुत्री

कब सुधि लोगे मेरे राम, मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में, कब सुध लोगे मेरे राम ॥ नित उठ भोर को, डगर बुहारूं, मैं

मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम, रोम रोम में समाया तेरा नाम रे, मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ । हे दरबारा वाली आरती जय माँ ।

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी। ज्योत जगा के, सर को झुका के, मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥ संतो महंतो को बुला

भगतो को दर्शन दे गयी रे, एक छोटी सी कन्या, छोटी सी कन्या, एक छोटी सी कन्या ॥ भगतो को दर्शन दे गयी रे, एक

मेरे बाबा साथ, छोड़ना ना तुझे है कसम, एक तू ही है मेरा, बाकी सब है वहम, मेरे बाबा साथ, छोड़ना ना तुझे है कसम
