
माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो: भजन (Maa Ho To Aisi Ho Aisi Ho)
हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो अरे ऐसी

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो अरे ऐसी

जगदम्बे भवानी माँ, तुम कुलदेवी मेरी, मैं तुम्हें मनाऊं माँ, करो भूल माफ़ मेरी ॥ जन्मों जन्मों से मां, तेरा मेरा बन्धन, जो कुछ भी

छोड़ के सारे जग को आये, तेरी शरण में माँ, अपनी शरण में रखलो माँ, अपनी शरण में रखलो मां, मेरी माँ मेरी माँ, भोली

मैया तुमको मनावे तेरे भक्त रे, तेरे भक्त रे, ओ मेरी मैया मेरी मात रे, मैया तुमको मनाए तेरे भक्त रे, तेरे भक्त रे, ओ

मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मैया को जाके ओढ़ाऊँ, चुनरिया सतरंगी ॥ चुनरिया सतरंगी, जय माँ

मैया को अपने घर बुलाएंगे, सारे मिलकर माँ का लाड़ लड़ाएंगे ॥ सोने की झारी में, गंगा जल मंगवाया, मैया के स्वागत में, चन्दन चौक

सीता विवाह के समय माता सीता के द्वारा गया गौरी पूजा भजन गीत, जोकि माता पार्वती को समर्पित है। पूजन गौरी चली सिया प्यारी पूजन
