
है पावन शिव का धाम हरिद्वार – भजन (Hai Pawan Shiv Ka Dham Haridwar)
कल कल कल जहाँ निर्मल बहती, माँ गंगा की धार, है पावन शिव का धाम हरिद्वार, हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥ विष्णु नख

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती, माँ गंगा की धार, है पावन शिव का धाम हरिद्वार, हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥ विष्णु नख

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया, कितना प्यारा उज्जैनी, यहां दरबार सजाया, मैं सुध बुध भूल आया ॥ सुनाने

भोले ओ भोले आया दर पे, मेरे सिर पे, जरा हाथ तू फिरा दे, मेरे भाग्य को जगा दे ॥ सारे जग का तू विधाता,

जय महाकाल जय महाकाल, जय महांकाल जय महांकाल, जो पाप ताप का हरता है, जो युग परिवर्तन करता है, माँ आदिशक्ति को साथ लिए, जो

भोलेनाथ की दीवानी, गौरा रानी लागे, गौरा रानी लागे, शिव संग में विराजी तो, महारानी लागे ॥ नमः शिवाय महामंत्र से, भोले को मनाया, सुबह

हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ । अंत काल को भवसागर में, उसका बेडा पार हुआ ॥ भोले शंकर की पूजा करो,
