
लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया: भजन (Lau Kaha Se Bhole Nath Teri Bhangiya)
लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया, ढूंढ ढूंढ मैं तो हार गया, मैं तो हार गया, मिली ना तेरी भंगिया, लाऊं कहाँ से, भोलेनाथ तेरी

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया, ढूंढ ढूंढ मैं तो हार गया, मैं तो हार गया, मिली ना तेरी भंगिया, लाऊं कहाँ से, भोलेनाथ तेरी

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो, गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं, संसार में जब जब जनम मिले, तो महाकाल नगरी में आता रहूं, श्री महाकाल ऐसा वरदान

हे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार ॥ शिव शंकर है नाम तिहारा, चंद्रशेखर शिव अगहारा, दानी महादानी शिव शंकर,

शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार, तीनो लोक पे रहता है, उनका ही अधिकार, शिव शंकर डमरू धारीं, है जग के आधार ॥

भजमन शंकर भोलेनाथ, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू मधुर बजाने वाले, भजमन शंकर भोलेंनाथ, डमरू मधुर बजाने वाले ॥ मुक्ति हेतु

हर जनम में बाबा तेरा साथ चाहिए, सिर पे मेरे बाबा तेरा हाथ चाहिए, सिलसिला ये टूटना नहीं चाहिए, मुझको मेरी भक्ति का इनाम चाहिए,

मैं आया उज्जैन महाकाल, बाबा मुझे दर्शन दे, दर्शन दे मुझे दर्शन दे, दर्शन दे मुझे दर्शन दे, तेरा प्यारा है दरबार, आज मुझे दर्शन
