
अभयदान दीजै दयालु प्रभु – भजन (Abhaydan Deejai Dayalu Prabhu Shiv Aarti)
अभयदान दीजै दयालु प्रभु, सकल सृष्टि के हितकारी । भोलेनाथ भक्त-दु:खगंजन, भवभंजन शुभ सुखकारी ॥ दीनदयालु कृपालु कालरिपु, अलखनिरंजन शिव योगी । मंगल रूप अनूप

अभयदान दीजै दयालु प्रभु, सकल सृष्टि के हितकारी । भोलेनाथ भक्त-दु:खगंजन, भवभंजन शुभ सुखकारी ॥ दीनदयालु कृपालु कालरिपु, अलखनिरंजन शिव योगी । मंगल रूप अनूप

भोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के, हो सारीया ने सारीया ने, सारीया ने भगत पियारिया ने, भोलें

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन केकरा के भरत भुवाल ए सखी सीता राम जी के

भोले की किरपा से हमरे, ठाठ निराले है, हम बाबा वाले है, सुनो जी हम बाबा वाले है ॥ भोले के चलते भक्तों, पहचान बनी

हर घडी भोले दिल में, रहा कीजिये, चरणों में प्रभु जी, जगह दीजिये, हर घड़ी भोले दिल में, रहा कीजिये ॥ जो भी शरण में

कर दो दुखियो का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले, कर दो प्रभुजी बेड़ा पार, ओ शिव शंकर भोले ॥ कोई चढ़ावे शिव जी जल की

शिव सन्यासी से मरघट वासी से, मैया करूँगी मैं तो ब्याह, मैं शिव को ध्याऊँगी, उन्ही को पाऊँगी, शिव संग करूँगी मैं तो ब्याह, हाँ
