
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है: भजन (Sare Jahan Ke Malik Tera Hi Aasara Hai)
सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है, राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है, सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है, राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है, सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा

तेरे पावन माँ नवरात्रों में, ज्योत तेरी जगाए हुए हैं, जबसे लागी माँ तुम्हारी, सारी दुनिया भुलाये हुए हैं, तेरे पावन मां नवरात्रों में, ज्योत

जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री दो सबको ये पैगाम घर घर जाओ री जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री कौशल्या रानी को

मेरी मैया जी कर दो नज़र, ज़िन्दगी मेरी जाए संवर, मेरी मईया जी कर दो नज़र ॥ तेरे द्वारे हूँ कबसे खड़ी, हाथ फूलों की

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥ दादुर मोर पपीहा बोले, दादुर मोर पपीहा बोले, कूके काली

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। मेरे राम मेरे घर आएंगे,

भक्ति और शक्ति के दाता, रामचरण से जिनका नाता, म्हारा बजरंगबली, म्हारा बजरंगबली ॥ राम बिना जिनको कुछ भी ना ध्यावे, राम में हरदम जो
