
हे गणनायक जय सुखदायक: भजन (Hey Gananayak Jai Sukhdayak)
हे गणनायक जय सुखदायक, जय गणपति गणराज रे, गणपति नमः गणपति नमः, गणपति नमः गणपति नमः ॥ शंकर सुवन भवानी के नंदन, गौरी पुत्र गणेश,

हे गणनायक जय सुखदायक, जय गणपति गणराज रे, गणपति नमः गणपति नमः, गणपति नमः गणपति नमः ॥ शंकर सुवन भवानी के नंदन, गौरी पुत्र गणेश,

हे गौरा के लाल मेरी सुनिए, तेरा भक्त खड़ा तेरे द्वार है, कई जन्मों से बप्पा मैं भटका, तेरे चरणों में अब मेरा संसार है,

सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती है पुरवाई आके तेरा भवन बुहारती बरखा की जल धारा चरण पघारती रिद्दी-सिद्धि

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, वीर है गौरा तेंरा लाड़ला

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ जय गणेश गणनाथ दयानिधि, सकल विघन कर दूर हमारे, जय गणेश

आओ गणनायक राजा, तेरी दरकार है, देखो ये माँ साँचल का, सच्चा दरबार है, देखो ये माँ गौरा का, प्यारा सा लाल है ॥ सबसे

गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता है मेरे दाता सबके दाता भाग्यविधाता । मेरे दाता,मेरे दाता, मेरे दाता, मेरे दाता है मेरे दाता सबके
