
बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया – भजन (Baba Baijnath Hum Aael Chhi Bhikhariya)
बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया, अहाँ के दुअरिया ना, बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी, भिखरिया अहाँ के दुअरिया ना ॥ अइलों बड़ बड़ आस

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया, अहाँ के दुअरिया ना, बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी, भिखरिया अहाँ के दुअरिया ना ॥ अइलों बड़ बड़ आस

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी, मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो । आज वन से अवध आ रहे है प्रभु, दीप माला सजाओ अवध वासियो ।

सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं, अवध मे राम आए है, मेरे सरकार आए हैं, लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

कृष्ण घर नन्द के जन्मे, दुलारा हो तो ऐसा हो, लोग दर्शन चले आये, सितारा हो तो ऐसा हो ॥ बकासुर को मसल डाला, पूतना

जन्म उत्सव आपका हम, आज मनाएंगे, झूमेंगे नाचेंगे हम, खुशियां मनाएंगे, की हैप्पी रिटर्न्स ऑफ़ द डे, कन्हैया हैप्पी बर्थडे, की हैप्पी रिटर्न्स ऑफ़ द

बांटो रे बधाई बजाओ रे थाल, गोकुल में जन्मा है यशोदा का लाल, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोडा पालकी ॥ नंदबाबा हिरे मोती बाँट

तेरी माया का ना पाया कोई पार, की लीला तेरी तु ही जाने, तु ही जाने ओ श्यामा तु ही जाने, सारी दुनिया के सिर
