
भज राधे गोविंदा रे पगले: भजन (Bhaj Radhe Govinda Re Pagle)
भज राधे गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे, तन परिंदे को छोड़ कही, उड़ जाये ना प्राण परिंदा रे, भज राधें गोविंदा रे पगले,

भज राधे गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे, तन परिंदे को छोड़ कही, उड़ जाये ना प्राण परिंदा रे, भज राधें गोविंदा रे पगले,

हे गोवर्धन गिरधारी, तुझे पूजे दुनिया सारी, तेरी परिक्रमा जो करले, मिट जाए विपदा सारी, हे गोवर्धंन गिरधारी, तुझे पूजे दुनिया सारी ॥ है सात

झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले, हो जासी कल्याण, मोरछड़ी के माए विराजे, खाटू वालो श्याम, झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें, हो जासी कल्याण ॥ बहुत घणी सकलाई

आदि अंत मेरा है राम, उन बिन और सकल बेकाम ॥ कहा करूं तेरा बेद पुराना, जिन है सकल जगत भरमाना ॥ कहा करूं तेरी

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे, मुझको तो किसी की खबर नही ॥ जब से देखा है मैने तुझे, दिल तेरा दीवाना हो ही गया,

मेरे कंठ बसो महारानी, ना मैं जानू पूजा तेरी, ना मैं जानू महिमा तेरी, मैं मूरख अज्ञानी, मेरे कंठ बसो महारानी ॥ सुर में ताल

शेरावाली माँ खजाने बैठी खोल के, जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के, दुख सबके हरती जय हो, भंडार है भरती जय हो, तकदीर बदलती जरा
