
जरा फूल बिछा दो आँगन में, मेरी मैया आने वाली है: भजन (Jara Phool Bicha Do Aangan Mein Meri Maiya Aane Wali Hai)
जरा फूल बिछा दो आँगन में, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, जरा फूल बिछा दो

जरा फूल बिछा दो आँगन में, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, जरा फूल बिछा दो

मैं तो संग जाऊं बनवास मैं तो संग जाऊं बनवास मैं तो संग जाऊं बनवास स्वामी ना करना निराश पग पग संग जाऊं जाऊं बनवास

ऐसा सुंदर स्वभाव कहाँ पाया, राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया । पर नारी पर दृष्टि न ड़ाली, ऐसी तुम्हरी प्रकृति निराली, तुम्हें वाल्मीकि तुलसी ने

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन मेरे रघुवर की, रघुबर की मात भी छोड़े, मैंने पिता

मैया ना भुलाना, हमको ना भुलाना, मेरे घर में तुम सदा आती रहना, तेरा है परिवार तू संग में रहना, मईया ना भुलाना, हमको ना

रण में आयी देखो काली, खून से भरने खप्पर खाली, दुष्टो को तू मारने वाली, जय काली काली ॥ अष्ट भुजाओं वाला लहंगा, पहन के

विंध्याचल की विंध्यवासिनी, नमन करो स्वीकार माँ, मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥ धुप नारियल फूल चढाने, धुप नारियल फूल चढाने, लाए तेरे दरबार माँ,
