
जय जय गणपति गजानंद, तेरी जय होवे: भजन (Jai Jai Ganpati Gajanand Teri Jai Hove)
जय जय गणपति गजानंद, तेरी जय होवे, जाऊं तोपे बलिहारी, तेरी जय होवे, जय जय गणपति गजानन्द, तेरी जय होवे ॥ रिद्धि सिद्धि के दाता,

जय जय गणपति गजानंद, तेरी जय होवे, जाऊं तोपे बलिहारी, तेरी जय होवे, जय जय गणपति गजानन्द, तेरी जय होवे ॥ रिद्धि सिद्धि के दाता,

ओ बाबा तेरे भक्त बुलाये, आ जाओ गजानन प्यारे, आ जाओ गजानन प्यारें, अब देर करो ना आ जाओ द्वारे, आ जाओ गजानन प्यारें, आ

गजानन आए मेरे द्वार॥ श्लोक – वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभा, निर्विघ्नम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ गजानन आए मेरे द्वार, गजानन आये मेरे द्वार,

पधारो म्हारे अंगना जी ॥ दोहा – हे शंकर सुत गौरी के लाला, हम करे तुम्हारा ध्यान, आके गजानन दर्शन दिखा दो, रख लो हम

उस ऊँचे मंदिरों वाली की, मेरी मैया मेहरो वाली की, मैं लाडली शेरोवाली की, मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥ दरबार की शान निराली है, खाली

भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे,

मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती, होंठो की हैं थालियां बोल फूल पाती, रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती, आरती ओ मैया आरती, ज्योतावालिये माँ
