
माँ शारदे! हम तो हैं बालक तेरे – भजन (Maa Sharde Ham To Balak Hain Tere)
माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ, ॥माँ शारदे माँ शारदे…॥ तू है दयालु बड़ी, माँ

माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ, ॥माँ शारदे माँ शारदे…॥ तू है दयालु बड़ी, माँ

मन की मुरादें, पूरी कर माँ, दर्शन करने को मैं तो आउंगी । तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा, हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

अंगना पधारो महारानी, मोरी शारदा भवानी, शारदा भवानी मोरी, शारदा भवानी, करदो कृपा महारानी, मोरी शारदा भवानी, अंगना पधारो महारानी ॥ ऊँची पहड़िया पे मंदिर

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे, इतना दिया मेरी माता। मेरी बिगड़ी माँ ने बनायीं, सोयी तकदीर जगायी । ये बात ना सुनी सुनाई, मैं

तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ बेटे तुम्हारे लाखों है मैया, किसी का महल है, किसी की है कुटिया, तुम्हे

हमें निज धर्म पर चलना, सिखाती रोज रामायण, सदा शुभ आचरण करना, सिखाती रोज रामायण ॥ जिन्हे संसार सागर से, उतर कर पार जाना है,

मन तड़पत हरि दर्शन को आज मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज विनती करत हूँ रखियो लाज ॥ मन तड़पत हरि…॥ तुम्हरे द्वार का मैं
