
राम सिया राम, कौशल्या, दशरथ के नंदन – भजन (Ram Siya Ram, Kaushalya Dashrath Ke Nandan)
कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय बोले लक्ष्मण राम सिया का हो अभिनन्दन अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में

कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय बोले लक्ष्मण राम सिया का हो अभिनन्दन अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में

Jinke Ojasvi Vachno Se

शांति के दूत है हम शांति के हैं हम पूजारी शांति के दूत है हम शांति के हैं हम पूजारी हो प्रीत रीत शील हो

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये, बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥ मैंने सोने का टीका बनवाया, मेरी मय्या को पसन्द नहीं आया,

अरे आये रे आये नवरात रे, आज झूमो रे झूमो सारी रात रे, आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥ माँ शेरोवाली की ज्योत

जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया, जागो गौरा माई तेरा, जागण वेला होया ॥ जागण चिड़िया, जागे माई ज्वाल्पा, जागे जगमग ज्योत माँ, तेरा जागण

आओ जी आओ मैया, आज म्हारे आंगणे, भगत बुलावे थाने आया सरसी, भगत बुलावे थाने आया सरसी, आओ जी आओ मईया, आज म्हारे आंगणे ॥
