
राधा कौन से पुण्य किये तूने – भजन (Radha Kon Se Punya Kiye Tune)
राधा कौन से पुण्य किये तूने, जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥ राधा जब सोलह शृंगार करे, प्रभ दर्पण आप दिखाते है, राधा

राधा कौन से पुण्य किये तूने, जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥ राधा जब सोलह शृंगार करे, प्रभ दर्पण आप दिखाते है, राधा

सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप की, कौन है! जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की । सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप

खुल गया बैंक राधा, रानी के नाम का, बैठा बनके मैनेजर, कान्हा नंदगांव का, बैठा बनके मैनेजर, कान्हा नंदगांव का ॥ खाता खुलवाने में भक्तो,

जय जय राधा रमण हरी बोल, जय जय राधा रमण हरि बोल ॥ मन तेरा बोले राधेकृष्णा, तन तेरा बोले राधेकृष्णा, जिव्हा तेरी बोले राधेकृष्णा,

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी, मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी । गोकुल में छुप छुप के माखन चुरायो, ग्वाल वाल संग मिल बाँट

राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा, श्याम देखा, घनश्याम देखा, ओ बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा श्याम देखा ॥ राधा तेरा श्याम हमने

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे। श्लोक: राधा तू बड़भागिनी, और कौन तपस्या किन, तीन लोक के स्वामी है, राधा सब तेरे आधीन
