शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।
त्वंपुरा सागरोत्पन्न विष्णुनाविघृतःकरे ।
देवैश्चपूजितः सर्वथौपाच्चजन्यमनोस्तुते ॥
सरल भाव:
त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे ।
देवैश्चपूजितः सर्वथौ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते ॥
साखी - आये म्हारे जम्भ गुरु जगदीश,साखी - निवण करू गुरु जम्भने,साखी - साधे मोमणे कीयो रे इलोच
सखि चलो नंद के द्वार - भजन (Sakhi Chalo Nand Ke Dwar)
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