णमोकार मंत्र है न्यारा, इसने लाखों को तारा।
इस महा मंत्र का जाप करो, भव जल से मिले किनारा।
णमो अरिहंताणं,
णमो सिद्धाणं,
णमो आयरियाणं,
णमो उवज्झायाणं,
णमो लोए सव्व साहूणं ।
एसोपंचणमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो ।
मंगला णं च सव्वेसिं, पडमम हवई मंगलं ।
वैष्णो माता आरती (Vaishno Mata Aarti)
मीरा दीवानी हो गयी रे - भजन (Meera Deewani Ho Gayi Re..)
अष्टोत्तर भैरव नामावलि (Bhairav Stotram)
Post Views: 444








