हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो,
हरि चरणारविन्द उर धरो
हरे राम हरे राम रामा रामा हरे हरे
हरे कृष्णा करे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरि की कथा होये जब जहाँ,
गंगा हू चलि आवे तहाँ
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो
यमुना सिंधु सरस्वती आवे,
गोदावरी विलम्ब न लावे .
BhaktiBharat Lyrics
कृष्ण घर नन्द के जन्मे, सितारा हो तो ऐसा हो: भजन (Krishna Ghar Nand Ke Janme Sitara Ho To Aisa Ho)
श्री जगन्नाथ अष्टकम (Shri Jagannath Ashtakam)
आ जाओ गजानन प्यारे: भजन (Aa Jao Gajanan Pyare)
सर्व तीर्थ को वासा वहां,
सूर हरि कथा होवे जहाँ
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो
Post Views: 352








