बधैया बाजे आँगने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की,
तोड़त ताने रागने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
प्रेम भरी प्रमदागन नाचे,
नूपुर बाँधे पायने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
न्योछावर श्री राम लला जु,
नहिं कोऊ लाजत माँगने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
सियाअली यह कौतुक देखत,
बीती रजनी जागने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
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बधैया बाजे आँगने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥
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