मेरे बांके बिहारी लाल,
तू इतना ना करिओ श्रृंगार,
नजर तोहे लग जाएगी ।
तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका ।
प्यारा लागे तेरा पीला पटका ।
तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,
नजर तोहे लग जाएगी ॥
मेरे बांके बिहारी लाल…॥
तेरी मुरलिया पे मन मेरा अटका ।
प्यारा लागे तेरा नीला पटका ।
तेरे गुंगार वाले बाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,
नजर तोहे लग जाएगी ॥
मेरे बांके बिहारी लाल…॥
तेरी कमरिया पे मन मोरा अटका ।
प्यारा लागे तेरा काला पटका ।
तेरे गल में वैजयंती माल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,
नजर तोहे लग जाएगी ॥
मेरे बांके बिहारी लाल…॥
अन्नपूर्णा आरती (Annapurna Aarti)
वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Vaishakh Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha)
मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,
नजर तोहे लग जाएगी ।
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