उस ऊँचे मंदिरों वाली की,
मेरी मैया मेहरो वाली की,
मैं लाडली शेरोवाली की,
मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥
दरबार की शान निराली है,
खाली ना गया सवाली है,
सोइ किस्मत खोले मैया,
ये भाग्य जगाने वाली है,
सुनती है सदा सवाली की,
मेरी झोली भरने वाली की,
मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥
जो इसके लाडले होते हैं,
वो सदा मौज में होते हैं,
मैया का कोई जवाब नहीं,
ये भक्त मैया के कहते हैं,
लक्ष्मी दुर्गा माँ काली की,
माँ अष्ट भुजाओं वाली की,
मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥
बिन मांगे झोली भर देगी,
तेरे मन की मैया सुन लेगी,
चल ‘स्नेह’ मैया के मंदिर में,
ये दुखड़े तेरे हर लेगी,
दीनो की माँ रखवाली की,
जय बोलो वैभवशाली की,
मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥
उस ऊँचे मंदिरों वाली की,
मेरी मैया मेहरो वाली की,
मैं लाडली शेरोवाली की,
मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥
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