तेरे जीवन में खुशियां,
तमाम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी ॥
नौ महीने तन के सांचे में,
ढालती है माँ,
फिर जनम देती है,
हमें पालती है माँ,
दुःख जो बच्चो पे हो,
माँ ये जान जाएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी ॥
बोझ बरसो तलक,
जो उठाती है माँ,
जागकर कितनी रातें,
बिताती है माँ,
तेरे जीवन में बेहतर,
मुकाम लाएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी ॥
माँ ने पैदा किया,
तो अपनी पहचान है,
माँ हमारी तुम्हारी,
सबकी भगवान है,
अपनी माँ को मना,
माँ वो मान जाएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी ॥
तेरे जीवन में खुशियां,
तमाम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी,
ले जा माँ की दुआएं,
ये काम आएगी ॥
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 30 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 30)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








