राम का नाम लो,
या श्याम की पूजा करलो,
कोई अंतर नही दोनो मे,
भरोसा करलो ॥
जीवन मे जप लो बस दो ही नाम,
राम कहो कहलो श्याम,
सुमिरन जो दिन रैन इनका करे,
संकट रहेगा उनसे परे,
राम का नाम लो या श्याम की ॥
राघव ने रावण का तोड़ा है मान,
माधव ने छीने है कंस के प्राण,
एक तो बृज मे माखन चुराये,
दूजे ने बैर शबरी के खाये,
राम का नाम लो या श्याम की ॥
राम का नाम लो,
या श्याम की पूजा करलो,
कोई अंतर नही दोनो मे,
भरोसा करलो ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर - शब्द कीर्तन (Tum Sharnai Aaya Thakur)
कोकिला व्रत कथा (Kokila Vrat Katha)
मेरी वैष्णो मैया, तेरी महिमा अपरम्पार: भजन (Meri Vaishno Maiya Teri Mahima Aprampar)
Post Views: 308








