राम का नाम लो,
या श्याम की पूजा करलो,
कोई अंतर नही दोनो मे,
भरोसा करलो ॥
जीवन मे जप लो बस दो ही नाम,
राम कहो कहलो श्याम,
सुमिरन जो दिन रैन इनका करे,
संकट रहेगा उनसे परे,
राम का नाम लो या श्याम की ॥
राघव ने रावण का तोड़ा है मान,
माधव ने छीने है कंस के प्राण,
एक तो बृज मे माखन चुराये,
दूजे ने बैर शबरी के खाये,
राम का नाम लो या श्याम की ॥
राम का नाम लो,
या श्याम की पूजा करलो,
कोई अंतर नही दोनो मे,
भरोसा करलो ॥
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