गौरी के लाड़ले,
महिमा तेरी महान,
करता है सबसे पहले,
पूजा तेरी जहान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥
चंदन चौकी पे बिराजे,
दाता गजशिश धारी,
शीश स्वर्ण मुकुट,
गले मोतियन माला प्यारी,
रिद्धि सिद्धि अंग संग,
छवि सबसे है न्यारी,
भोग लड्डुवन का लगे,
करे मूसे की सवारी,
पुरे हो काम तब ही,
पहले तुम्हारा ध्यान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥
माता गौरी जी के लाल,
शिव भोले के दुलारे,
रखे भक्तो की लाज,
काज बिगड़े सवारे,
अन्न धन ज्ञान मान,
से वो भरते भंडारे,
तेरा नाम सरल,
जो भी मन से पुकारे,
बिन मांगे लख्खा पाए,
मुंह माँगा तुमसे दान,
गौरी के लाड़ले,
महिमा तेरी महान,
करता है सबसे पहले,
पूजा तेरी जहान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥
जांभोजि द्वारा किए गए प्रश्न बिश्नोई समाज के बारे में?
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 20 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 20)








