छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बाजीगरी बन धारी बंधन बथाईई।
बनकर के धूल के कण, चरणों से लिपट जाऊं: भजन (Bankar Ke Dhool Ke Kan, Charno Se Lipat Jaun)
गौचारण अवस्था जम्भेश्वर भगवान की .........समराथल धोरा कथा 4
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 35 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 35)
निओली करम दूधाधारी बिद्याधर ब्रह्मचारी
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा








