सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है,
जिथे किथे मैनु लै छडाई
तिस गुरु कौ हौ वारिया,
जिन हर की हर कथा सुनाई,
तिस गुरु को सद बल हारनै,
जिन हर सेवा बड़त बड़ाई,
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है
तिस गुर कौ शाबाश हैं,
जिन हर सो जी पाई,
नानक गुर वीटो वारया
जिन हर नाम दिया,
मेरे मन की आश पुराई,
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं,
जिथे किथे मैनु लै छडाइ
खाटू का राजा मेहर करो: भजन (Khatu Ka Raja Mehar Karo)
अयोध्या करती है आव्हान - भजन (Ayodhya Karti Hai Awhan)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 27 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 27)
Post Views: 284








