बिसर गई सब तात पराई,
जब ते साध संगत मोहे पाई,
ना कोई बैरी नहीं बेगाना,
सगल संग हमको बन आई,
बिसर गई सब तात पराई,
बिसर गयी सब तात पराई ।
जो प्रभु कीन्हो सो भल मान्यो,
एह सुमत साधु ते पाई,
बिसर गई सब तात पराई,
बिसर गयी सब तात पराई ।
सब में रव रहिया प्रभु एको,
पेख पेख नानक बिगसाई,
बिसर गई सब तात पराई,
बिसर गयी सब तात पराई ।
कान्हा तेरी मुरली की, जो धुन बज जाए: भजन (Kanha Teri Murli Ki Jo Dhun Baj Jaaye)
श्यामा आन बसों वृन्दावन में - भजन (Shyama Aan Baso Vrindavan Me)
Post Views: 1,821








