म्हारा उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,
भक्तां लाडीला महाकाल जी ने,
खम्मा रे खम्मा,
खम्मा रे खम्मा घणी रे खम्मा,
म्हारां उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा ॥
ओ बाबा उज्जैन ने खम्मा,
मैया क्षिप्रा जी ने खम्मा,
बाबा राम घाट ने खम्मा,
म्हारां उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,
भक्तां लाडीला महाकाल जी ने,
खम्मा रे खम्मा ॥
मंगल नाथ जी ने खम्मा,
त्रिशूल हाथ जी ने खम्मा,
भैरव घाट जी ने खम्मा,
डम डम डमरू जी री ताल बोले,
खम्मा रे खम्मा,
म्हारां उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,
भक्तां लाडीला महाकाल जी ने,
खम्मा रे खम्मा ॥
भोले नाथ जी ने खम्मा,
मैया हरसिद्धि ने खम्मा,
बाबा भैरव जी ने खम्मा,
भक्ता आवे थारा द्वार करता,
खम्मा रे खम्मा,
म्हारा उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,
भक्तां लाडीला महाकाल जी ने,
खम्मा रे खम्मा ॥
भक्तो ने दर्शन दे दीजो,
मेरे भोलेनाथ जी,
भोलेनाथ मेरे शम्भुनाथ जी,
भोलेनाथ मेरे शम्भुनाथ जी,
भक्तो ने दर्शन दे दीजो,
मेरे भोलेनाथ जी ॥
नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो (Nagri Ho Ayodhya Si, Raghukul Sa Gharana Ho)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 20 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 20)
जन्माष्टमी भजन: यगोविंदा आला रे आला.. (Govinda Aala Re Aala)
दर्शन करने दूर से आयो,
आस दरश की मन में लायो,
दर्शन भीख मने दे दीजो,
मेरे भोलेनाथ जी ॥
महाकाल मेरे दुःख हर लीजो,
प्रभु आज खड़ा हूँ द्वार तेरे,
प्रभु आज खड़ा हूँ द्वार तेरे ॥








