राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है जंगल की लकड़ी, ये तन है जंगल की लकड़ी
आग लगे जल जाए, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है कागज की पूडिया, ये तन है कागज की पुडिया
हवा चले उड़ जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है माटी का ढेला, ये तन है माटी का ढेला
बूँद पड़े गल जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है फूलो का बगीचा, ये तन है फूलो का बगीचा
धूप पड़े मुरझाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है कच्ची है हवेली, ये तन है कच्ची है हवेली
पल मे टूट जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
खेजड़ली में 363 स्त्री पुरुष का बलिदान
भजन: बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया (Brindavan Ka Krishan Kanhaiya Sabki Aankhon Ka Tara)
ये तन है सपनो की माया, ये तन है सपनो की माया
आँख खुले कुछ नाही, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का








