हे त्रिपुरारी गंगाधरी,
सृष्टि के आधार,
शंकर किरपा करुणाकार,
भोले किरपा करुणाकार ॥
शिव शंकर है नाम तिहारा,
चंद्रशेखर शिव अगहारा,
दानी महादानी शिव शंकर,
दानी महादानी शिव शंकर,
करते बेड़ा पार,
शंकर किरपा करुणाकार,
भोले किरपा करुणाकार ॥
गौरा जी के प्राण प्यारे,
कार्तिक गणपत आँख के तारे,
त्रिपुंड धारी है नटराजा,
पहने सर्प हार,
शंकर किरपा करुणाकार,
भोले किरपा करुणाकार ॥
नीलकंठ जय भीमाशंकर,
महाकाल जय जय अभ्यंकर,
मृगछाला और भस्मी धारी,
जय जय डमरू धार,
शंकर किरपा करुणाकार,
भोले किरपा करुणाकार ॥
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् (Dwadash Jyotirlinga Stotram)
मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे - भजन (Maiya Ri Maiya Ek Khilona Dilwa De)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 32)
हे त्रिपुरारी गंगाधरी,
सृष्टि के आधार,
शंकर किरपा करुणाकार,
भोले किरपा करुणाकार ॥








