सबकी भरती है माँ,
यहाँ पर झोलियाँ ॥
चढ़के पहाड़ी,
भक्तो की प्यारी,
रोज आती है टोलियां ॥
सबकी भरती है माँ,
यहाँ पर झोलियाँ,
सबकी भरती है,
यहाँ पर झोलियाँ,
सबकी भरती है मां,
यहाँ पर झोलियाँ ॥
तू है खुशियों के,
वर देने वाली,
माँ वर देने वाली,
दयालु महाकाली,
तू सारे ही जग से निराली,
बड़े दिल वाली माँ,
सुख की दाती तू, न्यारी,
माँ वरदाती तू, प्यारी,
तेरी माया तू ही, जाने,
तेरी शक्ति को जग, माने,
पंछी बोले द्वार तेरे,
भक्ति की बोलिया,
सबकी भरती है मां,
यहाँ पर झोलियाँ ॥
तू तो माटी को,
सोना है करती,
सभी दुःख हरती,
तू भंडार भरती,
तू तारे तो है नैया,
माँ तरती,
करुणा जब करती,
ममता मूरत तू, मैया,
सच्ची मूरत तू, मैया,
ज्योति रूपा तू, मैया,
पवन स्वरूपा तू, मैया,
तेरे रंगो में खेलेंगे,
हम सब होलियाँ,
सबकी भरती है मां,
यहाँ पर झोलियाँ ॥
चढ़के पहाड़ी,
भक्तो की प्यारी,
रोज आती है टोलियां ॥
श्री बृहस्पति देव की आरती (Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti)
प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए - भजन (Prem Ho to Shri Hari Ka Prem Hona Chahiye)
कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि - भजन (Ki Ban Gaye Nandlal Lilihari)
सबकी भरती हैं माँ,
यहाँ पर झोलियाँ,
सबकी भरती है,
यहाँ पर झोलियाँ,
सबकी भरती है मां,
यहाँ पर झोलियाँ ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








