मस्त महीना फागण का,
खुशियों का आलम छाया,
चालो चालो खाटू धाम,
मेला फागण का है आया ॥
रंग गुलाल अबीर लाया,
लाया भर पिचकारी,
होली खेलूंगा मैं तो,
तेरे संग श्याम बिहारी,
आज ना छोड़ूँ तुझको बाबा,
रंग दूँ तेरी काया,
चालो चालो खाटू धाम,
मेला फागण का है आया ॥
धूम मची है खाटू में और,
सज रहा दरबार,
जिसके संग हो सांवरिया,
उसका हर दिन त्यौहार,
कलयुग का ये देव निराला,
सबके मन को भाया,
चालो चालो खाटू धाम,
मेला फागण का है आया ॥
कहता ‘मोन्टु’ तुझसे बाबा,
कर दो ये इंतेज़ाम,
हर फागण पे आऊं बाबा,
मैं तो खाटू धाम,
‘जीतू’ की भी सुनले बाबा,
तुझसे कहने आया,
चालो चालो खाटू धाम,
मेला फागण का है आया ॥
शीतला अष्टमी(बसौड़ा) व्रत कथा (Sheetala Ashtami / Basoda Vrat Katha)
जाम्भोजी का भ्रमण करना (काबूल में जीव हत्या बंद करवाना) भाग 1
दर पे तुम्हारे सांवरे: भजन (Dar Pe Tumhare Saware)
मस्त महीना फागण का,
खुशियों का आलम छाया,
चालो चालो खाटू धाम,
मेला फागण का है आया ॥








