दोहा:
झोली में अब सांवरे,
डाल दया की भीख,
तेरे सिवा कोई नहीं,
अब मेरे नज़दीक ।
आया हूँ मैं दरबार तुम्हारे,
सारे जग से हार,
श्याम सम्भालो मुझे,
गिर जाऊं ना सरकार,
पकड़ लो हाथ मेरा एक बार,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
तुम भी कहीं बाबा,
मुझे छोड़ ना देना,
मुझे आस है तुमसे,
इसे तोड़ ना देना,
मुझे तेरी है दरकार शरण में,
ले लो लखदातार,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
आया हूँ मैं दरबार तुम्हारे,
सारे जग से हार,
श्याम संभालो मुझे,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
दुनिया मदद करके,
मेरी हंसी उड़ाती है,
मैं उठना चाहती हूँ,
ये मुझे गिराती है,
झूठा सारा संसार,
एक तू ही है सच्चा यार,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
आया हूँ मैं दरबार तुम्हारे,
सारे जग से हार,
श्याम संभालो मुझे,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
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तुम हाथ पकड़ लोगे,
तो मैं तर जाउगा,
तूने भी छोड़ा तो,
किसके दर जाऊँगा,
मर जाऊँगा सरकार ना जाऊं,
माधव दूजे द्वार,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
BhaktiBharat Lyrics
आया हूँ मैं दरबार तुम्हारे,
सारे जग से हार,
श्याम संभालो मुझे,
गिर जाऊं ना सरकार,
पकड़ लो हाथ मेरा एक बार,
श्याम सम्भालों मुझे ॥
– Komal Tiwari








