कब सुधि लोगे मेरे राम,
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम ॥
नित उठ भोर को,
डगर बुहारूं,
मैं तो राह निहारूं,
विरह के दिन मैं,
रो रो गुजारूं मैं तो,
तुझको पुकारूँ,
लोगे खबर कब राम,
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम ॥
थक नैन भी,
मन को निराशा अब,
होने लगी है,
देर करो ना प्रभु,
धीरज भी अब,
खोने लगी है,
अब एक दिन भी लागे साल,
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम ॥
कब सुधि लोगे मेरे राम,
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम ॥
एकादशी माता की आरती (Ekadashi Mata Ki Aarti)
मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे - भजन (Maiya Ri Maiya Ek Khilona Dilwa De)
महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना: भजन (Mahakal Meri Manzil Ujjain Hai Thikana)
Post Views: 2,278








