जय हो शिव भोला भंडारी,
लीला अपरंपार तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
तेरे भक्त पे संकट भारी,
रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
मेरी विनती सुनो हे अवनाशी,
किरपा करदो प्रभु घट-घट वासी,
अब तो लेलो खबर हमारी,
तुम हो भक्तो के हितकारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
मेरी नैया फसी प्रभु मझधार में,
कोई तुमसा दयालु न संसार में,
माना पतित बड़ा भारी,
भोले आप हो मंगलकारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
आप के चरणों की धूल जो पाएंगे,
सारे बदल वो दुःख के झट जायेगे,
तूने उसकी बिपदा टाली,
आया शरण जो नाथ तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
जय हो शिव भोला भंडारी,
लीला अपरंपार तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
तेरे भक्त पे संकट भारी,
रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए
जगत के रंग क्या देखूं - भजन (Jagat Ke Rang Kya Dekhun)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 15 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 15)
आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai)
शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र | द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र








