श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।
राजेश्वरी जय नमो नमः ॥
करुणामयी सकल अघ हारिणी ।
अमृत वर्षिणी नमो नमः ॥
जय शरणं वरणं नमो नमः ।
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥
अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी ।
खल-दल नाशिनी नमो नमः ॥
भण्डासुर वधकारिणी जय माँ ।
करुणा कलिते नमो नम: ॥
जय शरणं वरणं नमो नमः ।
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥
भव भय हारिणी, कष्ट निवारिणी ।
शरण गति दो नमो नमः ॥
शिव भामिनी साधक मन हारिणी ।
आदि शक्ति जय नमो नमः ॥
भक्ति का दीप मन में जलाये रखना: भजन (Bhakti Ka Deep Man Me Jalaye Rakhna)
झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार - भजन (Jholi Bharlo Bhakto Daulat Barse Bhole Ke Darbar)
अथ दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला - श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला (Shri Durga Dwatrinshat Nam Mala)
जय शरणं वरणं नमो नमः ।
जय त्रिपुर सुन्दरी नमो नमः ॥
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।
राजेश्वरी जय नमो नमः ॥
Read More: धर्मराज आरती – ॐ जय धर्म धुरन्धर (Dharmraj Ki Aarti – Om Jai Dharm Dhurandar)








