भजन :- मै तो जोऊ रे सांवरिया थारी बाट,म्हारो बेडो लगा दीजो पार,मनवा राम सुमर ले

म्हारो बेडो लगा दीजो पार
म्हारो बेडो लगा दीजो पार

भजन :- मै तो जोऊ रे सांवरिया थारी बाट

जोऊ रे सांवरिया थारी बाट वैरागण हरि रे नाम री।

उड़जा रे केसरिया काला काग मढाऊ थारी पाखंडी।

सतगुरु जी मिलन रो लागो कोड फरुके डावी आघाडी। इणरे सरवरिये वाली पाल, आम्बो न दूजी आम्बली ।

काची केरी मति नारे तोड़ सदगुरू जी देशी ओलबो ।।

इरणे सरवरिये वाली पाल पंछीडा उबा दोय जणा ।

अगलो म्हारे कृष्ण मुरार लारलो म्हारे श्याम धणी ।।

इण रे सर वरिये वाली पाल मीराबाई हीडो माडियो ।

हिंडे म्हारे द्वारका रो नाथ हालरियो मीरा गाय रही।।

बाजे है बाव सुबाव झोलो रे बाजे एक घड़ी ।।

म्हारे सतगुरु मिलिया है रविदास मीरा न मिलगी पालकी।

भजन :- म्हारो बेडो लगा दीजो पार

म्हारे बेडो लंघा दीजो पार, मोहन मिल जा रे ।

मिलज्या दीन दयाल मोहन मिलज्यारे ।।टेर।।

मोहन थारे कारण रे, छोड़यो रे राणे जीरो देश ।।1।।

मोहन थारे कारण रे, छोड़ो रे नवसर हार ।।2।।

मोहन थारे कारण रे, छोड़ी रे काज लियारी रेख ।।3।।

मोहन थारे कारण रे, लियो रे संता रो साथ ।।4।।

मोहन थारे कारण रे, लियो रे भगवो भेष ।।5।।

मोहन थारे कारण रे, घर घर अलख जगाय ।।6।।

मोहन थारे कारण रे, छोड़या रे मायर बाप ।।7 ।।

मोहन थारे कारण रे, छोड़यो रे सहेल्या रो साथ ।I8I।

मोहन थारे कारण रे, खुद रे काम तमाम ।।9।।

बाई रे मीरां री विणरी रे, म्हारो बेड़ो लगा हीजो पार ।।10।।

भजन :- मनवा राम सुमर ले 

मनवा राम सुमर ले रे ।

आछी तेरे काम नाम की बालद भर ले रे ।।टेर ।।

संत कह सो बात धर्म की चित में धर ले रे ।

मनुष्य जन्म कुं सफल करै तो यहां ही कर लें ।।1।।

भवागर से मुश्किल जाणों नाके पर ले रे ।

राम भजन की नाव बणा के पार उतर ले रे ।।2।।

खोटी खोटी करे कमाई कुछ तो डर ले रे।

आगे बैठो धर्मराज तेरी खूब खबर ले ।।3।।

काम-क्रोध मद लोभ मोह पांचों से टर ले रे ।

कह पूजारी तिरणो चाहै तो जीवत मर ले रे ।।4।।

म्हारो बेडो लगा दीजो पार, म्हारो बेडो लगा दीजो पार, म्हारो बेडो लगा दीजो पार म्हारो बेडो लगा दीजो पार, म्हारो बेडो लगा दीजो पार, म्हारो बेडो लगा दीजो पार, म्हारो बेडो लगा दीजो पार

Share Now

Share on facebook
Facebook
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

निवण प्रणाम सभी ने, मेरा नाम संदीप बिश्नोई है और मैं मदासर गाँव से हु जोकि जैसलमेर जिले में स्थित है. मेरी इस वेबसाइट को बनाने का मकसद बस यही है सभी लोग हमारे बिश्नोई समाज के बारे में जाने, हमारे गुरु जम्भेश्वेर भगवन के बारे में जानेतथा जाम्भोजी ने जो 29 नियम बताये है वो नियम सभी तक पहुंचे तथा उसका पालन करे.

Advertisment

Share Now

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on telegram
Share on twitter
Share on linkedin

Random Post

Advertisment

AllEscort