सत सृष्टि तांडव रचयिता
नटराज राज नमो नमः ।
हे आद्य गुरु शंकर पिता
नटराज राज नमो नमः ॥
गंभीर नाद मृदंगना
धबके उरे ब्रह्माडना ।
नित होत नाद प्रचंडना
नटराज राज नमो नमः ॥
शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा
चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।
विषनाग माला कंठ मां
नटराज राज नमो नमः ॥
तवशक्ति वामांगे स्थिता
हे चंद्रिका अपराजिता ।
चहु वेद गाए संहिता
नटराज राज नमोः ॥
जय जय गणपति गजानंद, तेरी जय होवे: भजन (Jai Jai Ganpati Gajanand Teri Jai Hove)
मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा: भजन (Man Mera Mandir Shiv Meri Pooja)
यह तो प्रेम की बात है उधो: भजन (Bhajan: Ye Too Prem Ki Baat Hai Udho)
Post Views: 2,969








