सर्व भयानक रोग नाशक मंत्र (Sarv Bhayanak Rog Nashak Mantra)

jambh bhakti logo

यह मंत्र जैन समाज के प्रसिद्ध भक्तामर स्तोत्र का 45वाँ मंत्र है जिसके श्रवण एवं जाप से भयंकर जलोदर रोगों का नाश होता है। अतः इस मंत्र को रोग-उन्मूलन मंत्र भी कहा जाता है।

उद्भूत-भीषण-जलोदर-भार-भुग्नाः,
शोच्यां दशा-मुपगताश्-च्युत-जीविताशाः ।
त्वत्पाद-पंकज-रजो-मृत-दिग्ध-देहाः,
मर्त्या भवन्ति मकर-ध्वज-तुल्य-रूपाः ॥

हिन्दी भावार्थ:
उत्पन्न हुए भीषण जलोदर रोग के भार से झुके हुए, शोभनीय अवस्था को प्राप्त और नहीं रही है जीवन की आशा जिनके, ऐसे मनुष्य आपके चरण कमलों की रज रुप अम्रत से लिप्त शरीर होते हुए कामदेव के समान रुप वाले हो जाते हैं।

मंत्र: रोग-व्याधि सभी दूर करने हेतु | रोग-उन्मूलन मंत्र

आरती कीजै गुरू जंभ जती की,आरती कीजै गुरू जंभ तुम्हारी, जम्भेश्वर भगवान आरती

कलश पूजा मंत्र हिंदी (बिश्नोई ) Kalash puja mantra in hindi

महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना: भजन (Mahakal Meri Manzil Ujjain Hai Thikana)

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment