गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥
माँ सरस्वती जी - आरती (Maa Saraswati Ji)
अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता - भजन (Agar Shyam Sundar Ka Sahara Na Hota)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 25 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 25)
Post Views: 2,885








