
विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam)
विद्यां ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥ हिन्दी भावार्थ: विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है,

विद्यां ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥ हिन्दी भावार्थ: विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है,

॥ श्रीमहासरस्वतीसहस्रनामस्तोत्रम् ॥ ध्यानम् श्रीमच्चन्दनचर्चितोज्ज्वलवपुः शुक्लाम्बरा मल्लिका- मालालालित कुन्तला प्रविलसन्मुक्तावलीशोभना। सर्वज्ञाननिधानपुस्तकधरा रुद्राक्षमालाङ्किता वाग्देवी वदनाम्बुजे वसतु मे त्रैलोक्यमाता शुभा॥ श्रीनारद उवाच – भगवन्परमेशान सर्वलोकैकनायक। कथं सरस्वती

॥ श्री नर्मदा अष्टकम ॥ सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे

रोजगार पाने की चाह रखने, मनचाही नौकरी नहीं मिल रही है, सरकारी नौकरी मिलने में कठिनाई आ रही है उन लोगों को प्रत्येक रविवार को

रविवार का दिन श्रष्टी के प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य को समर्पित है। इसके साथ-साथ शुद्ध उच्चारण के करते हुए आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ भी

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः । गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः । विघ्नराज- ॐ विघ्नराजाय नमः । विनायक-

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ नमः शिवाभ्यां नवयौवनाभ्यां परस्पराश्लिष्टवपुर्धराभ्याम् । नगेन्द्रकन्यावृषकेतनाभ्यां नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥ 1 ॥ नमः शिवाभ्यां सरसोत्सवाभ्यां नमस्कृताभीष्टवरप्रदाभ्याम् । नारायणेनार्चितपादुकाभ्यां नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम्
