
लोरी सुनाए गौरा मैया: भजन (Lori Sunaye Gaura Maiya)
लोरी सुनाए गौरा मैया, झूला झूले गजानंद, रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया, रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया, झूला झूले गजानंद, लोरी सुनाए गोरा मैया, झूला झूले गजानंद

लोरी सुनाए गौरा मैया, झूला झूले गजानंद, रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया, रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया, झूला झूले गजानंद, लोरी सुनाए गोरा मैया, झूला झूले गजानंद

हे जगवंदन गौरी नन्दन, नाथ गजानन आ जाओ, शिव शंकर के राज दुलारे, आके दर्श दिखा जाओ, हे जगवँदन गौरी नंदन, नाथ गजानन आ जाओ

जय गणेश जय गजवदन, कृपा सिंधु भगवान । मूसक वाहन दीजिये, ज्ञान बुद्धि वरदान ॥1॥ शिव नंदन गौरी तनय, प्रथम पूज्य गणराज । सकल अमंगल

हे गणनायक जय सुखदायक, जय गणपति गणराज रे, गणपति नमः गणपति नमः, गणपति नमः गणपति नमः ॥ शंकर सुवन भवानी के नंदन, गौरी पुत्र गणेश,

हे गौरा के लाल मेरी सुनिए, तेरा भक्त खड़ा तेरे द्वार है, कई जन्मों से बप्पा मैं भटका, तेरे चरणों में अब मेरा संसार है,

सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती है पुरवाई आके तेरा भवन बुहारती बरखा की जल धारा चरण पघारती रिद्दी-सिद्धि

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, वीर है गौरा तेंरा लाड़ला
