
मेरे संग संग चलती: भजन (Mere Sang Sang Chalti)
संकट में झुँझन वाली की, सकलाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि

संकट में झुँझन वाली की, सकलाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि

मेरी नैया पार लगेगी, माँ खड़ी है तू उस पार, ना कोई माझी साथ में, ना हाथों पतवार ॥ जीवन रूपी नाव भवानी, चलती तेरे

मैया तुमसे मेरी, छोटी सी है अर्जी, मानो या ना मनो, आगे तेरी मर्जी, मावड़ी रखले तू, चरणों के पास ॥ मैं नित उठ के

माँ मुराद कर पूरी आस रहे ना अधूरी, तेरे दर से जाऊंगा झोली भर के, शेरोवाली माता देख ले, आया ऊँचे में पहाड़ तेरे चढ़

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो, झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको, बस एक बार माँ

गोपाल गोकुल वल्लभी, प्रिय गोप गोसुत वल्लभम, चरणारविन्द महम भजे, भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् । चरणारविन्द महम भजे, भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् ॥ बिनती सुनिए

हर बार मैं खुद को, लाचार पाती हूँ, तेरे होते क्यों दादी, मैं हार जाती हूँ, तेरे होते क्यो दादी, मैं हार जाती हूँ ॥
