
हमने आँगन नहीं बुहारा – भजन (Hamne Aangan Nahi Buhara, Kaise Ayenge Bhagwan)
हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आयेंगे भगवान् । मन का मैल नहीं धोया तो, कैसे आयेंगे भगवान् ॥ हर कोने कल्मष-कषाय की, लगी हुई है

हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आयेंगे भगवान् । मन का मैल नहीं धोया तो, कैसे आयेंगे भगवान् ॥ हर कोने कल्मष-कषाय की, लगी हुई है

किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए । किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए । जुबा पे राधा राधा, राधा नाम हो जाए ॥ जब गिरते

हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा ॥ वाल्मीकि अति दुखी दीन थे, बुरे कर्म में सदा लीन थे, करी रामायण तैयार लेकर नाम

कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय बोले लक्ष्मण राम सिया का हो अभिनन्दन अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में

Jinke Ojasvi Vachno Se

शांति के दूत है हम शांति के हैं हम पूजारी शांति के दूत है हम शांति के हैं हम पूजारी हो प्रीत रीत शील हो

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये, बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥ मैंने सोने का टीका बनवाया, मेरी मय्या को पसन्द नहीं आया,
