
पूछ रही राधा बताओ गिरधारी – भजन (Pooch Rahi Radha Batao Girdhari)
पूछ रही राधा बताओ गिरधारी, मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी । गोकुल में छुप छुप के माखन चुरायो, ग्वाल वाल संग मिल बाँट

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी, मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी । गोकुल में छुप छुप के माखन चुरायो, ग्वाल वाल संग मिल बाँट

राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा, श्याम देखा, घनश्याम देखा, ओ बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा श्याम देखा ॥ राधा तेरा श्याम हमने

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे। श्लोक: राधा तू बड़भागिनी, और कौन तपस्या किन, तीन लोक के स्वामी है, राधा सब तेरे आधीन

गलियां चारों बंद हुई, मिलूं कैसे हरी से जाये । ऊंची नीची राह रपटीली, पाओ नहीं ठहराए । सोच सोच पग धरु जतन से, बार

अरे रे मेरी जान है राधा, तेरे पे क़ुर्बान मैं राधा, अरे रे मेरी जान हैं राधा, तेरे पे क़ुर्बान मैं राधा, रह न सकूंगा

राधा रानी को भयो अवतार, बधाई बाज रही, ऐ जी हाँ बधाई बाज रही, ऐ री हाँ बधाई बाज रही, चलो रे चलो रे भानु

रघुनन्दन राघव राम हरे सिया राम हरे सिया राम हरे । रघुनन्दन राघव राम हरे सिया राम हरे सिया राम हरे । रघुनन्दन राघव राम
