
प्रभु रामचंद्र के दूता – भजन (Prabhu Ramachandra Ke Dootha)
प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया । हे पवनपुत्र हनुमंता, बलभीमा आंजनेया । बलभीमा आंजनेया, बलभीमा आंजनेया । प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया ।

प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया । हे पवनपुत्र हनुमंता, बलभीमा आंजनेया । बलभीमा आंजनेया, बलभीमा आंजनेया । प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया ।

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली लेके शिव रूप आना गजब हो गया त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी तेरा कलयुग

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे । तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे । जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे । तो मिल जायेगा

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है । तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है । तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है । मुझे तूने मालिक,

भज मन, राधे, (राधे) राधे, (राधे) राधे गोविंदा राधे, (राधे) राधे, (राधे) राधे गोविंदा भज मन, राधे, (राधे) राधे, (राधे) राधे गोविंदा राधे, (राधे) राधे,

श्री गणेश मंदिर, विनायक मंदिर, गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी, शुभ मुहूर्त, शुभ कार्य एवं ग्रह प्रवेश मे गाए जाने वाले प्रसिद्ध श्री गणेश भजन..

भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जन हितकारी भयहारी । अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी ॥ सुन्दर सिंहासन तेहिं पर आसन कोटि हुताशन द्युतिकारी । सिर
