
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी: भजन (Banshi Wale Teri Bansuri Kamal Kar Gayi)
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी, कमाल कर गई जी कमाल कर गई, कमाल कर गई जी कमाल कर गई, मुरली वाले तेरी मुरली

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी, कमाल कर गई जी कमाल कर गई, कमाल कर गई जी कमाल कर गई, मुरली वाले तेरी मुरली

अरज लगावे जी, सांवरिया थासु अरज लगावे जी, म्हारी आंख्या सु नीर बहे, म्हाने हिचक्या आवे जी, याद सतावे जी, सांवरिया थारी याद सतावे जी,

दर पे तुम्हारे सांवरे, सर को झुका दिया, मैंने तुम्हारी याद में, खुद को मिटा दिया, दर पे तुम्हारे साँवरे, सर को झुका दिया ॥

ओ मेरे गोपाल कन्हैया, मोहन मुरली वाले, मोहन मुरली वाले, गोपाल मुरलिया वाले, ओ मेरे गोपाल कन्हैंया, मोहन मुरली वाले ॥ कहो कैसे तुझे रिझाऊं

हो सके जो अगर श्याम मेरे, जो हुआ सो हुआ भूल जाओ, माफ़ कर दो मेरी गलतियों को, श्याम अपने से लगाओ, हों सके जो

कान्हा तेरी मुरली की, जो धुन बज जाए, ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ, राधा नाचे झूम झूम, कान्हा तेरीं मुरली की, जो धुन बज

लाल लाल चुनरी की अजब कहानी ॥ दोहा – लाली मेरी मात की, जित देखूं तित लाल, लाली देखन मैं गया, मैं भी हो गया
