
मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में – भजन (Main Too Aai Vrindavan Dham Kishori Tere Charanan Main)
मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में । किशोरी तेरे चरनन में, श्री राधे तेरे चरनन में ॥ ब्रिज वृन्दावन की महारानी, मुक्ति

मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में । किशोरी तेरे चरनन में, श्री राधे तेरे चरनन में ॥ ब्रिज वृन्दावन की महारानी, मुक्ति

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा, दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी, श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥ सुना है जो

गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी सम्भाल बृजबाला अरे एक दो तीन चार संग पाँच छः सात हैं ग्वाला ॥ गोविंदा आला रे…॥ आई माखन

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो । भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहिं पठायो । चार पहर बंसीबट भटक्यो, साँझ परे घर आयो ॥

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम । अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥ घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में, बाँवरी भई

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने, छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥

वृन्दावन धाम अपार, जपे जा राधे राधे, राधे सब वेदन को सार, जपे जा राधे राधे । जपे जा राधे राधे, भजे जा राधे राधे,
