
कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला मे वैष्णव, ब्रिजबासी, वृंदावन, मथुरा, श्री कृष्ण प्रणामी संप्रदाय, गौड़िया संप्रदाय, श्री श्याम

जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला मे वैष्णव, ब्रिजबासी, वृंदावन, मथुरा, श्री कृष्ण प्रणामी संप्रदाय, गौड़िया संप्रदाय, श्री श्याम

नंदभवन में उड़ रही धूल, धूल मोहे प्यारी लगे ॥ उड़ उड़ धूल मेरे माथे पे आवे, उड़ उड़ धूल मेरे माथे पे आवे, मैंने

पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे, हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी, पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे ॥ धरी

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे । अब तो जीवन हारे, प्रभु शरण हैं तिहारे ॥ हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन

राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा, झुक आये बदरा झुकी आये बदरा, राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा, झुक आये बदरा झुकी आये बदरा, साजो

जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥ अजर अमर अज अरूप, सत चित आनंदरूप । व्यापक ब्रह्मस्वरूप, भव! भव-भय-हारी ॥ जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥

आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी । झूले राधा प्यारी, हाँ झूले राधा प्यारी ॥ आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी
