
भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन मन में रम जाए: भजन (Bhole Aisi Bhang Pila De Jo Tan Man Me Ram Jaye)
शिव समान दाता नहीं, है ये देवों के है देव, भक्तों के हित विष पिया, कहलाए महादेव ॥ भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन

शिव समान दाता नहीं, है ये देवों के है देव, भक्तों के हित विष पिया, कहलाए महादेव ॥ भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन

महिमा तेरी समझ सका ना, कोई भोले शंकर, कभी तो भोले भंडारी हो, कभी तो रूप भयंकर, कभी तो भोले भंडारी हो, कभी तो रूप

कैलाश शिखर से उतर कर, मेरे घर आए है भोले शंकर ॥ आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग, आ गए है प्रभु गौरा

चलो भोले बाबा के द्वारे, सब दुःख कटेंगे तुम्हारे, भोले बाबा भोले बाबा, भोले बाबा भोले बाबा, भोले बाबा भोले बाबा, चलों भोले बाबा के

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो, गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्, कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर, हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम्

इतनी विनती है तुमसे हे भोले मेरे, थाम के हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम, जैसे अब तक निभाई है तुमने प्रभु, जैसे अब तक

भोला नही माने रे नहीं माने, मचल गए नचबे को, भोला नहीं माने रे नहीं माने, मचल गए नचबे को, डम डम डमरू बाजे प्यारी,
