
अंजनीसुत केसरी नंदन ने: भजन (Anjani Sut Kesari Nandan Ne)
अंजनीसुत केसरी नंदन ने, श्री राम के कारज सारे है, सम्पूर्ण रामायण साक्षी है, पग पग पे संकट टारे है, अंजनीसुत केसरीनंदन ने, श्री राम

अंजनीसुत केसरी नंदन ने, श्री राम के कारज सारे है, सम्पूर्ण रामायण साक्षी है, पग पग पे संकट टारे है, अंजनीसुत केसरीनंदन ने, श्री राम

म्हारी बिनती सुणो थे हनुमान, धरुँ मैं थारो ध्यान, बेगा सा आओ बालाजी, बेगा सा आओ बालाजी, भगतां की सुणज्यो बालाजी ॥ थे ना सुणस्योतो

दो अक्षर वाला नाम, आये बड़ा काम जी, राम राम जपो, चले आएंगे हनुमान जी, राम राम भजो, श्री राम राम भजो ॥ सीता माँ

मुश्किल करे आसान जो, वो नाम तो हनुमान है, ये बल के अतुलित धाम है, महादेव के अवतार है ॥ सियाराम के कारज सँवारे, लखन

सब रस रंग भरे है, रामायण जी में, सब रस रंग भरे हैं ॥ दोहा सोरठा और चौपाई, दोहा सोरठा और चौपाई, रुचि रुचि छंद

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ ॥ तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी, एक

रोम रोम में जिसके, श्री राम समाया है, आज उसी बजरंग का, ये उत्सव आया है ॥ श्लोक – उत्सव है बजरंगबली का, खूब सजा
